Wednesday, February 14, 2018

मुश्किल है अपना मेल प्रिये !!


तुम  हो  जगमग करती रौशनी सी , मै  दुखियारा अँधियारा  

तुम हो गगनचुंबी ईमारत सी ,  मै  एक जर्जर झोपड़ा | 

तुम  हो  मखमली कम्बल सी ,मै   एक   मैला पुराना चिथड़ा | 

तुम हो फूलों के  महेक सी , मै  एक   बदबूदार नाला | 

तुम  हो गूची बैग सी , मै एक फटा हुआ  थैला | 

तुम हो  सूट-बूट  सी , मै ढीला पैजामा | 

 तुम  हो  एसी  कार सी, मै  एक  जंग लगा स्कूटर | 

तुम  हो  पाँच सितारा होटल सी  , मै   नुक्कड़ वाला ढाबा  | 




मुश्किल है अपना मेल प्रिये , ये  प्यार नहीं है खेल  प्रिये